विश्व योग दिवस 2026 अब कुछ ही दिनों में मनाया जाने वाला है। इस खास अवसर से पहले ही भारत सरकार का आयुष मंत्रालय देशवासियों से लगातार अपील कर रहा है कि वे अपनी दिनचर्या में योगासन को शामिल करें। सही आसनों के अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि मन भी प्रसन्न और शांत रहता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहाँ तनाव और खराब जीवनशैली एक आम समस्या बन गई है, वहीं हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सरल योगासन, बद्ध कोणासन, आपको इस गंभीर समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है? जी हाँ, रोजाना सिर्फ 15 मिनट का अभ्यास आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के साथ-साथ कई अन्य शारीरिक और मानसिक लाभ भी प्रदान कर सकता है।
हाइपरटेंशन, जिसे आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर के नाम से जाना जाता है, एक ऐसी स्थिति है जहाँ धमनियों में रक्त का दबाव लगातार उच्च बना रहता है। यह हृदय को अधिक मेहनत करने के लिए मजबूर करता है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यह अनियंत्रित रहने पर गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है, इसलिए इसका प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है। तनाव, अस्वस्थ खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता और आनुवंशिकी इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।
बद्ध कोणासन, जिसे अंग्रेजी में ‘बाउंड एंगल पोज़’ या ‘कॉबलर पोज़’ के नाम से भी जाना जाता है, एक सरल और प्रभावी योगासन है। इसमें पैरों को मोड़कर तलवों को एक साथ मिलाया जाता है, जिससे घुटने बाहर की ओर खुलते हैं। यह आसन शरीर को लचीला बनाने और मन को शांत करने के लिए जाना जाता है। इसकी सरलता के कारण, यह शुरुआती और अनुभवी योगियों दोनों के लिए उपयुक्त है।
बद्ध कोणासन सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर को ‘ठीक’ नहीं करता, लेकिन यह इसे नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह आसन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारक हैं। जब आप बद्ध कोणासन करते हैं, तो आपका शरीर और मन शांत होता है, जिससे पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र (parasympathetic nervous system) सक्रिय होता है। यह हृदय गति को धीमा करता है और रक्त वाहिकाओं को शिथिल करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है। इसके अलावा, यह पेल्विक क्षेत्र में रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हृदय स्वास्थ्य को लाभ पहुँचाता है।
बद्ध कोणासन सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। रोजाना 15 मिनट का अभ्यास आपको कई और फायदे दे सकता है:
सही तरीके से अभ्यास करने पर ही आपको बद्ध कोणासन के अधिकतम लाभ मिल सकते हैं:
योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना मुश्किल नहीं है। शुरुआत छोटे कदमों से करें:
यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर का निदान हुआ है, तो योगासन को अपनी उपचार योजना के पूरक के रूप में देखें, न कि विकल्प के रूप में। दवाओं या जीवनशैली में बदलाव से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें। यदि आपको योगासन करते समय कोई नया या असामान्य दर्द महसूस होता है, तो तुरंत अभ्यास बंद कर दें और चिकित्सा सलाह लें।
नहीं, बद्ध कोणासन हाई ब्लड प्रेशर को सीधे ‘ठीक’ नहीं कर सकता। यह एक सहायक अभ्यास है जो तनाव कम करने, रक्त परिसंचरण में सुधार और समग्र हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। इसे डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और जीवनशैली में बदलाव का पूरक माना जाना चाहिए।
शुरुआती लोगों को 30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकने से शुरुआत करनी चाहिए। धीरे-धीरे आप इसे 5 से 10 मिनट तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इस लेख में रोजाना 15 मिनट के अभ्यास की बात की गई है, जिसमें अन्य योगासनों या ध्यान के साथ इसे जोड़ना शामिल हो सकता है। महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर की सुनें और जबरदस्ती न करें।
हाँ, बद्ध कोणासन आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित माना जाता है और यह पेल्विक क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी भी योगासन को गर्भावस्था के दौरान शुरू करने या जारी रखने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित योग प्रशिक्षक से सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बद्ध कोणासन से तुरंत शारीरिक आराम और मानसिक शांति का अनुभव हो सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर इसके दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण प्रभावों के लिए नियमित और सतत अभ्यास की आवश्यकता होती है। परिणाम व्यक्ति दर व्यक्ति भिन्न हो सकते हैं।
विश्व योग दिवस 2026 की प्रेरणा से, बद्ध कोणासन जैसे सरल योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आपके स्वास्थ्य के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह न केवल हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है, बल्कि तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। याद रखें, स्वास्थ्य एक यात्रा है, और छोटे, लगातार प्रयास बड़े परिणाम देते हैं। अपने शरीर की सुनें, धैर्य रखें और योग के शांतिपूर्ण लाभों का अनुभव करें।
Disclaimer: This content is for informational purposes only and is published by the Sehat Upchar platform with guidance from health experts. If you are experiencing health issues for a long time, please consult a qualified doctor before following any advice mentioned in this article.
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